रवि प्रदोष व्रत कथा PDF Free Download

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 रवि प्रदोष Rani pradosh vrat का व्रत रखने से जीवन में सुख, शांति, यश , निरोग जीवन और लंबी आयु प्राप्त होती है। रवि प्रदोष ravi pradosh का संबंध सूर्य से होता है। अत: चंद्रमा के साथ सूर्य भी आपके जीवन में सक्रिय रहता है। इससे चंद्र और सूर्य अच्‍छा फल देने लगते हैं। जिस जातक कुंडली में सुर्य कमजोर हो उसे यह व्रत करने से उसकी सूर्य संबंधी सारी परेशानियां दूर हो जाती है। यह प्रदोष pradosh vrat सूर्य से संबंधित है। सुर्य को ग्रहों का स्वामी कहा जाता है। यह नाम, यश और सम्मान भी दिलाता है। अगर आपकी कुंडली में अपयश के योग हो तो यह प्रदोष व्रत जरुर करें।पौराणिक मान्यता के अनुसार जो व्यक्ति प्रदोष का व्रत करता रहता है वह संकटों से दूर रहता है और उनके जीवन में धन और यश बना रहता है।

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